अभिलेख व्यवस्थापन (Records Management)
अभिलेखको अर्थ र महत्व
अभिलेख भनेको सरकारी कार्यको लिखित प्रमाण हो — निर्णय, पत्राचार, सम्झौता, तथ्यांक आदि। प्रभावकारी अभिलेख व्यवस्थापनले जवाफदेहिता, पारदर्शिता र निरन्तरता सुनिश्चित गर्छ।
दर्ता-चलानी प्रणाली
| विषय | विवरण |
|---|---|
| दर्ता (Inward Register) | कार्यालयमा आएका सबै पत्रहरू दर्ता गर्ने |
| चलानी (Dispatch Register) | पठाइएका पत्रहरूको अभिलेख |
| दर्ता नम्बर | वर्ष/क्रम; जस्तै: २०८२/०१ |
| जिम्मेवार व्यक्ति | टेबुल अधिकृत / रजिस्ट्रार |
फाइलिङ प्रणाली
| प्रकार | आधार | उपयुक्त |
|---|---|---|
| वर्णक्रम (Alphabetical) | नाम अनुसार A–Z | व्यक्तिगत फाइल |
| संख्यात्मक (Numerical) | नम्बर अनुसार | ठूलो कार्यालय |
| विषयगत (Subject) | विषयवस्तु अनुसार | सरकारी कार्यालय |
| भौगोलिक (Geographical) | स्थान अनुसार | क्षेत्रीय कार्यालय |
| मितिगत (Chronological) | मिति अनुसार | समयसापेक्ष काम |
अभिलेखका प्रकार (महत्वको आधारमा)
महत्वपूर्ण (Vital)संगठनकै अस्तित्वसँग सम्बन्धित; कहिल्यै नष्ट नगर्ने
आवश्यक (Important)दैनिक काममा चाहिने; लामो समय राख्ने
उपयोगी (Useful)सन्दर्भका लागि; निश्चित अवधिसम्म
गैर-आवश्यक (Non-essential)काम सकिएपछि नष्ट गर्न सकिने
अभिलेख संरक्षण र नष्ट प्रक्रिया
| विषय | विवरण |
|---|---|
| सार्वजनिक अभिलेख ऐन, २०४६ | नेपालमा अभिलेख व्यवस्थापनको कानूनी आधार |
| राष्ट्रिय अभिलेखालय | महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजको संरक्षण |
| नष्ट गर्ने प्रक्रिया | समिति गठन → सूची तयार → स्वीकृति → नष्ट |
| डिजिटल अभिलेख | इलेक्ट्रोनिक सूचना प्रणाली (MIS) |
सार्वजनिक अभिलेख ऐन, २०४६ अनुसार ३० वर्षभन्दा पुराना अभिलेख सार्वजनिक गर्न सकिन्छ।
Quick Recall
- दर्ता = आएका पत्र; चलानी = गएका पत्र
- सरकारी कार्यालयमा विषयगत फाइलिङ सबैभन्दा बढी प्रचलित
- Vital Records = कहिल्यै नष्ट नगर्ने
- सार्वजनिक अभिलेख ऐन = २०४६
- राष्ट्रिय अभिलेखालय = महत्वपूर्ण दस्तावेज संरक्षण