नागरिकका अधिकार सुनिश्चित गर्न नेपालमा सूचनाको हक ऐन, २०६४, उपभोक्ता संरक्षण ऐन, २०७५ र श्रम ऐन, २०७४ जारी भएका छन्।
सूचनाको हक ऐन, २०६४
| विषय | व्यवस्था |
|---|---|
| सूचना माग्ने हक | जुनसुकै नागरिकले सरकारी सूचना माग्न सक्ने |
| जवाफ दिने म्याद | साधारण: १५ दिन, जीवन-सम्पत्ति: २४ घण्टा |
| सूचना अधिकारी | प्रत्येक सार्वजनिक निकायमा नियुक्त |
| पुनरावेदन | प्रमुखमा, त्यसपछि राष्ट्रिय सूचना आयोग |
| राष्ट्रिय सूचना आयोग | स्वतन्त्र संवैधानिक निकाय |
उपभोक्ता संरक्षण ऐन, २०७५
मुख्य अधिकारहरू
- सुरक्षित वस्तु र सेवा पाउने हक
- सूचना पाउने हक (मूल्य, गुणस्तर, म्याद)
- छनोट गर्ने हक
- सुनुवाइ पाउने हक
- क्षतिपूर्ति पाउने हक
- उपभोक्ता शिक्षा पाउने हक
श्रम ऐन, २०७४ — मुख्य व्यवस्था
| विषय | व्यवस्था |
|---|---|
| कामको घण्टा | दैनिक ८ घण्टा, साप्ताहिक ४८ घण्टा |
| ओभरटाइम | अधिकतम ४ घण्टा/दिन, दोब्बर दर |
| न्यूनतम पारिश्रमिक | सरकारले निर्धारण गर्ने |
| बिदा | साप्ताहिक १ दिन, वार्षिक १३ दिन |
| प्रसूति बिदा | ९८ दिन (महिला) |
| उपदान | १ वर्षभन्दा बढी सेवा = अनिवार्य |
Quick Recall
सूचनाको हक ऐन = २०६४ | जवाफ म्याद = १५ दिन (जीवन = २४ घण्टा) | उपभोक्ता ऐन = २०७५ | श्रम ऐन = २०७४ | काम घण्टा = ८ घण्टा/दिन