न्यायपालिका र संवैधानिक अंगहरू
न्यायपालिकाको संरचना
| अदालत | तह | क्षेत्राधिकार |
|---|---|---|
| सर्वोच्च अदालत | सर्वोच्च | संवैधानिक व्याख्या, पुनरावेदन, रिट |
| उच्च अदालत | प्रदेश | जिल्ला अदालतको पुनरावेदन; ७ वटा |
| जिल्ला अदालत | जिल्ला | प्रथम श्रेणीका मुद्दा; ७७ वटा |
सर्वोच्च अदालत
प्रमुखप्रधानन्यायाधीश
न्यायाधीशबढीमा २० जना
कार्यकाल६५ वर्ष उमेरसम्म
अधिकाररिट जारी गर्ने, न्यायिक पुनरावलोकन
रिटका प्रकार
| रिट | अर्थ | प्रयोग |
|---|---|---|
| बन्दी प्रत्यक्षीकरण | “शरीर प्रस्तुत गर” | गैरकानूनी थुनामुक्ति |
| परमादेश | “तिमीले गर” | सरकारी काम गर्न बाध्य पार्न |
| प्रतिषेध | “नगर” आदेश | क्षेत्राधिकारभन्दा बाहिर काम रोक्न |
| उत्प्रेषण | “माथि पठाऊ” | तल्लो अदालतको काम माथि झिकाउन |
| अधिकारपृच्छा | “के अधिकारले?” | पदमा रहने अधिकार प्रश्न गर्न |
प्रमुख संवैधानिक अंगहरू
| संवैधानिक अंग | मुख्य कार्य |
|---|---|
| लोकसेवा आयोग | निजामती सेवामा भर्ना, पदोन्नति सिफारिस |
| निर्वाचन आयोग | निर्वाचन सञ्चालन र व्यवस्थापन |
| अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग | भ्रष्टाचार नियन्त्रण र अनुसन्धान |
| महालेखा परीक्षक | सरकारी खर्चको लेखापरीक्षण |
| राष्ट्रिय मानव अधिकार आयोग | मानव अधिकार संरक्षण र प्रवर्द्धन |
| राष्ट्रिय प्राकृतिक स्रोत तथा वित्त आयोग | संघ-प्रदेश-स्थानीय वित्त बाँडफाँड |
Quick Recall
- रिट ५ प्रकार = बन्दी, परमादेश, प्रतिषेध, उत्प्रेषण, अधिकारपृच्छा
- सर्वोच्च अदालत न्यायाधीश = बढीमा २०
- CIAA = अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग (भ्रष्टाचार)
- महालेखा परीक्षक = सरकारी खर्च लेखापरीक्षण