एकाइ ३.३ — सार्वजनिक सेवा प्रवाह र नागरिक बडापत्र
खण्ड C Service Delivery
खण्ड C Service Delivery
सार्वजनिक सेवा प्रवाहका सिद्धान्त
| सिद्धान्त | विवरण |
|---|---|
| पहुँच | सबै नागरिकलाई सेवाको समान उपलब्धता |
| गुणस्तर | तोकिएको मानक अनुसार सेवा |
| छिटो | समयमा नै सेवा प्रदान |
| पारदर्शिता | प्रक्रिया र मापदण्ड सार्वजनिक |
| जवाफदेहिता | उजुरी सुनुवाई र कारबाही |
नागरिक बडापत्र (Citizen Charter)
नागरिक बडापत्रमा उल्लेख हुनुपर्ने
• सेवाको विवरण र मापदण्ड
• सेवा लिने प्रक्रिया र चाहिने कागजात
• सेवा प्रदान गर्ने समय सीमा
• जिम्मेवार अधिकारी र सम्पर्क
• उजुरी व्यवस्था र सुनुवाइ प्रक्रिया
• शुल्क विवरण
एकद्वार सेवा प्रणाली
विशेषता र फाइदा
• सबै सेवा एकै ठाउँबाट
• नागरिकको समय र खर्च बचत
• भ्रष्टाचार घटाउने
• ई-गभर्नेन्ससँग एकीकरण
• जिम्मेवारी स्पष्ट
उजुरी व्यवस्थापन
| तह | उजुरी सुन्ने निकाय |
|---|---|
| पहिलो | सम्बन्धित कार्यालय प्रमुख |
| दोस्रो | विभाग/मन्त्रालय |
| तेस्रो | प्रशासकीय अदालत |
| अन्तिम | सर्वोच्च न्यायालय |
Quick Recall:
• नागरिक बडापत्र सम्बन्धी निर्देशिका: २०५७ बि.स.
• सुशासन ऐन २०६४: सेवाको स्तर र समय तोकेको
• RTI ऐन: ७ दिनभित्र जानकारी दिनुपर्ने
• प्रशासकीय अदालत: प्रशासनिक विवाद
• ई-सेवा: जन्म/मृत्यु दर्ता, नागरिकता, नक्साभ्यास अनलाइन
• नागरिक बडापत्र सम्बन्धी निर्देशिका: २०५७ बि.स.
• सुशासन ऐन २०६४: सेवाको स्तर र समय तोकेको
• RTI ऐन: ७ दिनभित्र जानकारी दिनुपर्ने
• प्रशासकीय अदालत: प्रशासनिक विवाद
• ई-सेवा: जन्म/मृत्यु दर्ता, नागरिकता, नक्साभ्यास अनलाइन
सम्भावित प्रश्नहरू:
१. नागरिक बडापत्रको महत्त्व र यसको प्रभावकारी कार्यान्वयनका शर्त के हुन्? (५ अंक)
२. नेपालमा सार्वजनिक सेवा प्रवाह सुधार गर्न के-कस्ता उपाय अपनाउन सकिन्छ? (१० अंक)
१. नागरिक बडापत्रको महत्त्व र यसको प्रभावकारी कार्यान्वयनका शर्त के हुन्? (५ अंक)
२. नेपालमा सार्वजनिक सेवा प्रवाह सुधार गर्न के-कस्ता उपाय अपनाउन सकिन्छ? (१० अंक)