अन्तरसरकारी वित्त व्यवस्था
NNRFC राजस्व बाँडफाँड
NNRFC राजस्व बाँडफाँड
NNRFC को परिचय
| पक्ष | विवरण |
|---|---|
| पूरा नाम | राष्ट्रिय प्राकृतिक स्रोत तथा वित्त आयोग |
| संवैधानिक धारा | २५१ |
| कार्यकाल | ५ वर्ष |
| मुख्य काम | तीन तहमा वित्त वितरण सिफारिस |
| ऐन | राष्ट्रिय प्राकृतिक स्रोत तथा वित्त आयोग ऐन, २०७४ |
अनुदानका प्रकार
| अनुदान | उद्देश्य | वितरण आधार |
|---|---|---|
| समानीकरण (एकल) | राजस्व अपर्याप्त क्षेत्रलाई | जनसंख्या, विकास सूचक |
| समपूरक | विशेष परियोजना सहकार्य | सर्त-आधारित |
| विशेष | आकस्मिक/विशेष अवस्था | खतराका आधारमा |
| राजस्व बाँडफाँड | संघीय राजस्वको भाग | NNRFC सिफारिस |
राजस्वको स्रोत र वितरण
कुन तहले के उठाउँछ?
• संघ: VAT, आयकर, भन्सार, उत्पादन शुल्क
• प्रदेश: मनोरञ्जन कर, विज्ञापन कर, प्रदेश कर
• स्थानीय: घर-जग्गा कर, व्यवसाय कर, सेवा शुल्क
• साझा: प्राकृतिक स्रोत रोयल्टी (संघ, प्रदेश, स्थानीय: ५०:२५:२५)
Quick Recall:
• प्राकृतिक स्रोत रोयल्टी विभाजन: संघ ५०% + प्रदेश २५% + स्थानीय २५%
• अन्तरसरकारी वित्त व्यवस्थापन ऐन: २०७४
• प्रदेशका नाम परिवर्तन: नम्बरबाट नाममा (गण्डकी, लुम्बिनी, कोशी आदि)
• वित्त मन्त्रालय (संघ): सबैभन्दा बढी अधिकार
• PEFA: सार्वजनिक वित्त व्यवस्थापन मूल्याङ्कन
• प्राकृतिक स्रोत रोयल्टी विभाजन: संघ ५०% + प्रदेश २५% + स्थानीय २५%
• अन्तरसरकारी वित्त व्यवस्थापन ऐन: २०७४
• प्रदेशका नाम परिवर्तन: नम्बरबाट नाममा (गण्डकी, लुम्बिनी, कोशी आदि)
• वित्त मन्त्रालय (संघ): सबैभन्दा बढी अधिकार
• PEFA: सार्वजनिक वित्त व्यवस्थापन मूल्याङ्कन
सम्भावित प्रश्नहरू:
१. NNRFC को भूमिका र वित्त वितरणका सिद्धान्त के हुन्? (५ अंक)
२. तीन तहका सरकारबीच वित्तीय असन्तुलन हुनुका कारण र समाधान चर्चा गर्नुस्। (१० अंक)
१. NNRFC को भूमिका र वित्त वितरणका सिद्धान्त के हुन्? (५ अंक)
२. तीन तहका सरकारबीच वित्तीय असन्तुलन हुनुका कारण र समाधान चर्चा गर्नुस्। (१० अंक)